अथ तन्त्रोक्तं रात्रिसूक्तम्

अथ तन्त्रोक्तं रात्रिसूक्तम्

Hello Friends  Today we are going to tell you अथ तन्त्रोक्तं रात्रिसूक्तम्  so friends read and share it more  if  you like       अथ तन्त्रोक्तं रात्रिसूक्तम् ॐ विश्वेरश्वमरीं जगद्धात्रीं स्थितिसंहारकारिणीम्। निद्रां भगवतीं विष्णोरतुलां तेजसः प्रभुः॥१॥   ब्रह्मोवाचत्वं स्वाहा त्वं स्वधा त्वं हि वषट्कारः स्वरात्मिका। सुधा त्वमक्षरे नित्ये त्रिधा मात्रात्मिका स्थिता॥२॥   अर्धमात्रास्थिता नित्या यानुच्चार्या … Read more

अथ वेदोक्तं रात्रिसूक्तम्

अथ वेदोक्तं रात्रिसूक्तम्

Hello Friends  Today we are going to tell you  अथ वेदोक्तं रात्रिसूक्तम्  so friends read and share  it more if you like  अथ वेदोक्तं रात्रिसूक्तम्   अथ वेदोक्तं रात्रिसूक्तम् विनियोग ॐ रात्रीत्याद्यष्टर्चस्य सूक्तस्य कुशिकः सौभरो रात्रिर्वा भारद्वाजो ऋषिः, रात्रिर्देवता, गायत्री छन्दः, देवीमाहात्म्यपाठे विनियोगः। ॐ रात्री व्यख्यदायती पुरुत्रा देव्यक्षभिः। विश्वार अधि श्रियोऽधित॥१॥ महत्तत्वादिरूप व्यापक इन्द्रियों से … Read more