अथ तन्त्रोक्तं रात्रिसूक्तम् Archives - ENGLISH BY RAGHVENDRA SIR

अथ तन्त्रोक्तं रात्रिसूक्तम्

अथ तन्त्रोक्तं रात्रिसूक्तम्

Hello Friends  Today we are going to tell you अथ तन्त्रोक्तं रात्रिसूक्तम्  so friends read and share it more  if  you like   अथ तन्त्रोक्तं रात्रिसूक्तम् ॐ विश्वेरश्वमरीं जगद्धात्रीं स्थितिसंहारकारिणीम्। निद्रां भगवतीं विष्णोरतुलां तेजसः प्रभुः॥१॥   ब्रह्मोवाचत्वं स्वाहा त्वं स्वधा त्वं हि वषट्कारः स्वरात्मिका। सुधा त्वमक्षरे नित्ये त्रिधा मात्रात्मिका स्थिता॥२॥   अर्धमात्रास्थिता नित्या यानुच्चार्या विशेषतः। त्वमेव … Read more